Saturday, August 1, 2020

मंगल बड़ा और लाल

19 दिसंबर की रात मंगल ग्रह पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा, इसलिए नजारा अपने आप में अनोखा होगा। दूसरे तारों के मुकाबले इसका आकार कुछ बड़ा होगा, चमक ज्यादा रहेगी वह भी लाल। सौर परिवार के सभी ग्रहों की दूरी पृथ्वी से इतनी अधिक है कि शुक्र के अलावा बाकी को देखना संभव नहीं है।

मंगल ग्रह भी दूरबीन से ही नजर आता है। भिलाई के व्याख्याता एमके श्रीवास्तव ने बताया कि 19 दिसंबर को शाम सात बजे मंगल जेमिनी तारामंडल (मिथुन राशि) में उदय होगा। इस समय पृथ्वी और मंगल ग्रह के बीच की दूरी 8 करोड़ 84 लाख किलोमीटर होगी। सौर परिवार के सभी ग्रह सूर्य की दीर्घवृत्ताकार कक्ष में परिक्रमा करते हैं।

जब पृथ्वी और मंगल के बीच में सूर्य होता है, तब दोनों की दूरी सर्वाधिक 40 करोड़ 13 लाख किलोमीटर होती है। इस अधिकतम बिंदु को एपीहिलियन कहते हैं। जब इनकी दूरी सबसे कम होती है, तो इसे पेरीहिलियन कहा जाता है।

दोनों के बीच औसत दूसरी 23 करोड़ किमी है। 8 करोड़ 84 लाख किलोमीटर जैसी कम दूरी के हालात बरसों बाद बने हैं। इसके बाद 28 जनवरी 2010 को दोनों के बीच की दूरी 9 करोड़ 93 लाख किमी होगी।

प्रोफेसर श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों ग्रह की दूरी क्रमश: बढ़ती-घटती रहती है। निकटतम स्थिति कभी-कभी बनती है। इसकी गणना स्पेस क्राफ्ट भेजने के लिए आइडियल है, क्योंकि इसमें किसी भी यान के लिए ईंधन और समय, दोनों बचता है। नासा (नेशनल एरोनाटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) अमेरिका ने 4 अगस्त 2007 को स्पेस क्राफ्ट मार्स लैंडर फोनिक्स प्रक्षेपित किया था। यह अगले साल 29 मई 2008 को मंगल ग्रह पर लैंड करेगा।

आयरन के कारण लाल
पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा 12 महीने (365 दिन) में करता है। जबकि मंगल को एक परिक्रमा करने में 26 महीने लगते हैं। श्री श्रीवास्तव के मुताबिक यह एक खगोलीय घटना है। लाल ग्रह होने की वजह से शुरु से ही यह मानव समाज के लिए कौतुहल का विषय रहा है।

आयरन आक्साइड की धूल होने की वजह से यह लाल दिखाई देता है। इस तरह की घटनाओं का कोई शुभ-या अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता। पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखें, तो पानी की वजह ये यह नीली नजर आती है।