Friday, August 7, 2020

ग्लैमर एमबीए का मिशन एडमिशन


मिशन एडमिशन के तहत इस बार आईआईएम द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा कैट 2006 पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें इस क्षेत्र के एक्सप‌र्ट्स बी-स्कूलों की प्रवेश परीक्षा के सभी पहलुओं के बार में दे रहे हैं विशेष टिप्स.. इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। देश के प्रतिष्ठित बिजनेज स्कूलों के एमबीए कोर्स में प्रवेश के लिए आल इंडिया लेवल पर आयोजित होने वाले मैनेजमेंट इंट्रेंस टेस्ट को क्वालिफाई करना होता है। इनमें प्रमुख हैं-कैट, मैट, आईआईएफटी,जेएमईटी, आईआरएमए, एसएनएपी, एफएमएस आदि।

एमबीए, यानी पद, प्रतिष्ठा और बेशुमार दौलत। इस कोर्स को करने वाले हर स्टूडेंट की तमन्ना अच्छे मैनेजमेंट संस्थान में दाखिला पाने की होती है। ऐसे में देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान आईआईएम पर सभी की नजरें टिकी होती हैं। एक्सपोजर और अच्छा वातावरण-किसी भी अच्छे बी-स्कूल की यह पहचान है। ऐसे संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को एक्सपोजर के साथ-साथ ऐसी स्टूडेंट सर्किल मिलती है, जो ब्राइट करियर के लिए काफी मददगार साबित होती है। संस्थान में अलग-अलग विचारों वाले प्रतिभाशाली छात्रों से मिलने-जुलने व बातचीत से व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास होता है, जो किसी दूसरी जगह संभव नहीं है। सच तो यह है कि ऐसे संस्थान अध्ययन के तमाम अवसर उपलब्ध कराते हैं। एमबीए करने वाले छात्रों को इसका ध्यान रखना चाहिए कि संस्थान में शिक्षकों व साथी छात्रों की जिन बातों से सहमत न भी हों, उन्हें भी आत्मसात करने का प्रयास करें। ये बातें आपके भविष्य में काम आ सकती हैं।

फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर

 इसमें कोई शक नहीं कि मैनेजमेंट स्कूल के फैकल्टी मेंबर की योग्यता का आपके संपूर्ण विकास व करियर में महत्वपूर्ण योगदान होता है। कुछ शिक्षकों की अध्यापन शैली से आप संतुष्ट न भी हों, लेकिन बहुत से ऐसे फैकल्टी मेंबर होते हैं, जो आपके करियर के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। सच तो यह भी है कि किसी भी संस्थान में अच्छे शिक्षक, जो एकेडमिक और बाजार, दोनों में विशेषज्ञ हों, का चयन कठिन काम होता है। छात्रों को चाहिए कि संस्थान में शिक्षकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सभी अध्ययन सामग्रियों व उनकी बातों को गंभीरता से आत्मसात करें। इसके अलावा उद्योग जगत व अन्य क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों को अतिथि फैकल्टी के रूप में बुलाया जाता है, उनसे भी छात्रों को बहुत कुछ जानने-समझने का मौका मिलता है। इन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसा अवसर उन्हें फिर कभी नहीं मिल सकते, इसलिए पूरी लगन व निष्ठा के साथ अवसर का सदुपयोग करें। आधारभूत संरचना की बात करें, तो लगभग सभी संस्थानों में कंप्यूटर और लाइब्रेरी की सुविधा मौजूद होती है, जिसका लाभ हर स्टूडेंट को उठाना चाहिए। इसके साथ ही वहां जरूरी डाटा और कई तरह के जर्नल्स उपलब्ध होते हैं, जो आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। हर छात्र को लेटेस्ट तकनीक से अपडेट होना चाहिए, इससे कार्यक्षेत्र में सहूलियत होती है।

मिलती है मुंहमांगी सैलरी

 एमबीए की लोकप्रियता का प्रमुख कारण डिग्री हासिल करने के तुरंत बाद रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध होना है। सैलरी के मामले में एमबीए का जवाब नहीं है। योग्य छात्र को मुंहमांगी सैलरी व अन्य सुविधाएं मिलती हैं। अच्छे संस्थान छात्रों की प्लेसमेंट में सहायता करते हैं। इसके लिए कैंपस में भी विभिन्न संस्थानों को आमंत्रित किया जाता है। बहुत से छात्र कुछ खास संगठनों को ध्यान में रखकर तैयारी करते हैं और उसी के अनुरूप ऑप्शनल विषय का चयन करते हैं, ताकि उक्त संगठन में कार्य करने में सुविधा हो, लेकिन ऐसा करना सही नहीं होता है। ऐसा करने वाले छात्र बड़ी भूल करते हैं। दरअसल, इससे तत्काल मनचाहे सेक्टर में नौकरी तो मिल जाती है, लेकिन भविष्य के लिए ऐसा कदम उचित नहीं होता है। सच तो यह है कि मैनेजमेंट स्कूलों में हर विषय व क्षेत्र की शिक्षा दी जाती है, जिसे आत्मसात कर सफल भविष्य बनाया जा सकता है।

ब्राइट करियर 

 एमबीए आपके लिए रोजगार का अच्छा विकल्प उपलब्ध कराता है, लेकिन सुनहरे भविष्य की ओर यह मात्र पहला कदम होता है। यहां इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि आपकी डिग्री और प्रतिष्ठित संस्थान आपको अच्छा रोजगार तो दिला सकते हैं, लेकिन केवल इसके बल पर आप कार्यक्षेत्र में उचित प्रमोशन नहीं पा सकते और आगे नहीं बढ़ सकते। आपको आगे बढ़ने और करियर को संवारने के लिए संगठन में अपनी योग्यता साबित करनी होगी। अगर आप सक्षम और योग्य हैं, तो कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने किस संस्थान से डिग्री हासिल की है। इसके साथ ही अपने प्रोफेशनल मित्रों व सहयोगियों के संपर्क में रहना चाहिए।

इंस्टीटयूट का चयन

 अच्छे मैनेजमेंट संस्थान में दाखिला आपके करियर में मील का पत्थर साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए आपको कठिन परिश्रम करना होगा। अगर आप ऐसा करते हैं, तो इसमें कोई शक नहीं कि सफलता आपके कदम चूमेगी।
मानिक दारूवाला (पीजीडीएम, आईआईएम-ए)
(लेखक टाइम इंस्टीटयूट के फाउंडर डायरेक्टर हैं)

बदला स्वरूप कैट का

इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट यानी आईआईएम ने प्रवेश परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कैट-2006 यानी कॉमन एडमिशन टेस्ट में कई परिवर्तन किए हैं, जिनके बारे में जानना प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए आवश्यक है।

समय सीमा में परिवर्तन  

पिछली परीक्षाओं के विपरीत इस बार का कैट टेस्ट दो की बजाय ढाई घंटे का होगा। इससे यह संभावना बनती है कि शायद प्रश्नों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। वैसे पिछले वर्षो में कैट की समय सीमा में बिना किसी परिवर्तन के भी प्रश्नों की संख्या घटती-बढ़ती रही है। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले कुछ सालों में कैट में स्कोर किया गया अधिकतम अंक कम होता जा रहा है। इसके कारण हो सकता है कि समय सीमा में वृद्धि के बावजूद प्रश्नों की संख्या में कोई वृद्धि न की जाए। वैसे भी यदि आप इसमें बैठने की सोच रहे हैं, तो इन उलझनों से बचते हुए अपनी योग्यता के अनुसार केवल तैयारी पर ही ध्यान दें, तो बेहतर है। नए प्रावधानों के अनुसार कैट में भागीदारी के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत मा‌र्क्स (आरक्षित श्रेणी के लिए 45 प्रतिशत) होना अनिवार्य है। दूसरी बात, यदि आप अपियरिंग कैंडीडेट के रूप में भाग लेना चाहते हैं, तो आपको ग्रेजुएशन के पहले दो वर्षो में 50 प्रतिशत अंक होने से संबंधित प्रमाण अपने संस्थान के प्रमुख से लिखित में लेकर एप्लिकेशन फॉर्म के साथ जमा करना होगा।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

कुछ और महत्वपूर्ण बातें हैं, जो इस बार शुरू की जा रही हैं। कैट प्रश्नपत्र तीन सेक्शन्स में बंटा होगा। साथ ही, अलग-अलग सेक्शन्स के लिए कोई समय सीमा नहीं निश्चित की गई है। लेकिन सभी सेक्शन में छात्रों को अलग-अलग मिनिमम कंपीटेंसी लेवल प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक सेक्शन में कम-से-कम 25 प्रतिशत और ओवरऑल 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद ही छात्रों को ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इस बार की कैट परीक्षा से जुड़ी आखिरी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें अंतिम रूप से चयन के लिए पांच चीजें निर्णायक होंगी- कैट टेस्ट में स्कोर, ग्रुप डिस्कशन में प्रदर्शन, इंटरव्यू में सफलता, वर्क एक्सपीरियंस और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (केवल कुछ संस्थानों के लिए)। यदि आपका प्रदर्शन इन सभी क्षेत्रों में संतोषजनक है, तो आप अपने सेलेक्शन की पूरी उम्मीद रख सकते हैं। चूंकि कैट 2006 में अब ज्यादा दिन नहीं रह गए हैं, इसलिए अपना पूरा ध्यान परीक्षा की तैयारी पर रखें और नियमित रूप से प्रैक्टिस करें। इस बात का पूरा ध्यान रखें कि परीक्षा के सभी सेक्शन्स की समान रूप से तैयारी करें। यदि तैयारी में निरन्तरता बनाए रखते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।

बदलाव : एक नजर में टेस्ट की समय सीमा ढाई घंटा (150 मिनट) ग्रेजुएशन में कम-से-कम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य अपियरिंग छात्रों के लिए प्रथम दो वर्षो में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य ओबीसी छात्रों के लिए आरक्षण संभावित, सरकार के निर्णय की प्रतीक्षा प्रश्नपत्र के तीन सेक्शन हर सेक्शन में अलग-अलग क्वालिफाई करना आवश्यक

उल्हास वैरागकर (पीजीडीएम, आईआईएम-ए) 
(लेखक टाइम, दिल्ली के डायरेक्टर हैं)