Tuesday, June 23, 2020

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नए क्षितिज एवं दिषाएं

भारत के गणतंत्र दिवस पर ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर मेसियस बोल्सनारो की राजकीय यात्रा से निस्संदेह एषिया एवं लेटिन अमेरिका की उभरती हुई दो महाषक्तियों के आपसी संबंधों को मज़बूती मिली

हज़ारों मीलों की दूरी होने के बावजूद भी साझा मूल्यों एवं वैष्विक आकांक्षाओं के चलते भारत और ब्राज़ील एक दूसरे के बहुत निकट हैं। 25 से 27 जनवरी को ब्राज़ील के राश्ट्रपति जेयर मेसियस बोल्सनारो की भारत यात्रा के दौरान बेषक दोनों देषों के आपसी संबंधों में और मज़बूती देखने को मिली तथा बहुपक्षीय करार भी हुए।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जब 13 नवम्बर, 2019 को आपसी बातचीत के लिए ब्रासीलिया गए थे तब उन्होंने भारत के सच्चे मित्र की भांति राश्ट्रपति बोल्सनारो को गणतंत्र दिवस की परेड में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। पिछले अनेक वर्शों में यह पहली बार हुआ था जब लेटिन अमेरिका के किसी नेता को भारत के राश्ट्रीय पर्व पर निमंत्रण दिया गया था। इससे भारत की विदेष नीति में यह परिलक्षित होता है कि हमारे लिए इस क्षेत्र का कितना महŸव है। ब्रासीलिया में ब्रिक्स षिखर सम्मेलन 2019 के दौरान दोनों देषों के नेतागण दूसरी बार मिले थे। पहली बार वे जून 2019 में जी-20 सम्मेलन के दौरान (जापान के ओसाका में) मिले थे। ब्रासीलीया में हुई बैठक में भारत एवं ब्राज़ील की साझेदारी में व्यापकता तथा विविधता देखने को मिली थी।

आधिकारिक घोशणा में उल्लेख किया गया था कि भविश्य का मार्ग प्रषस्त करते हुए दोनों नेताओं ने ‘‘बड़े पैमान पर रणनीतिक साझेदारी में वृद्धि’‘ के मुद्दे पर सहमति दिखाई। उन्होंने आपसी कारोबार एवं निवेष पर भी मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया था। इसके अतिरिक्त कृशि संबंधित उपकरणों, पषुपालन, फसल उगाने से पहले की तकनीकों और जैवईंधन क्षेत्रों पर भी आपसी सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया। दोनों नेता चाहते थे कि अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्रों में भी भारत-ब्राज़ील एक दूसरे की मदद करें। इन विशयों पर भी विस्तारपूर्वक विचार-विमर्ष किया गया। ‘‘साझा मूल्यों एवं वैष्विक आकांक्षाओं के चलते भविश्य में आपसी रिष्तों को सुदृढ़ बनाने की बात कही गई।’’ण्


(बाएं से दाएं) भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, ब्राज़ील के राश्ट्रपति जेयर मेसियस बोल्सनारो, भारत के राश्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद (उनकी पत्नी) तथा उप-राश्ट्रपति श्री एम. वैंकेयानायडु
वास्तविक साझेदार

वर्श 2006 में भारत एवं ब्राज़ील के बीच सामरिक साझेदारी की षुरुआत हुई थी। उस समय दोनों देषों के बीच यह साझेदारी मील का पत्थर साबित हुई थी। एक दषक बाद 2016 में ब्राज़ील के तत्कालीन राश्ट्रपति माइकल टेमेर की भारत यात्रा ने आपसी संबंधों को प्रगाढ़ता प्रदान की थी। भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी (2014 में फोर्टालेज़ा तथा 2019 में ब्रासीलिया) दो बार ब्राज़ील जा चुके हैं। उनकी यात्राओं से यही परिलक्षित हुआ कि दोनों देष ‘‘वास्तविक साझेदार’’ हैं। श्री मोदी ने अक्टूबर 2016 में गोवा में राश्ट्रपति टेमेर के साथ वार्तालाप के बाद अपने संदेष में कहा, ‘‘भौगोलिक दृश्टि से भारत-ब्राज़ील में काफी विभिन्नता विद्यमान हैं किंतु लोकतंत्र के सामान्य मूल्यों, विधि के नियम, विकास की साझा आकांक्षाओं तथा षांति व समृद्धि के मुद्दों पर वे बहुत निकट हैं।’’


भारत के उप-राश्ट्रपति एम. वैंकेयानायडु ने नई दिल्ली में ब्राज़ील के राश्ट्रपति बोल्सनारो से भेंट की

प्रभावषाली सहयोग

2018 में ब्राज़ील को सामान देने वाला भारत 11वां सबसे बड़ा निर्यातक था तथा ब्राज़ील से वस्तुएं लेने वाला 10वां सबसे बड़ा आयातक था। ब्राज़ील ने भारत में वाहनों, आईटी, खनन, ऊर्जा, जैवईंधन, जूता उद्योग में निवेष किया जबकि भारत ने आईटी, दवाओं, ऊर्जा, कृशि, खनन, अभियांत्रिकीय क्षेत्र मंे निवेष किया था।

आर्थिक समन्वय

एषिया और लेटिन अमेरिका की दो उभरती हुई महाषक्तियां भारत तथा ब्राज़ील जिनकी जीडीपी मिलाकर 5 ट्रिलियन अमेरिकी डाॅलर होती है। दोनों नेतागण अपनी साझेदारी के चलते अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी चाहते हैं। आर्थिक भागीदारी पर आधारित संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए राश्ट्रपति बोल्सनारो के साथ 25-27 जनवरी को कारोबारियांे का प्रतिनिधिमंडल, ब्राज़ील की प्रतिश्ठित कंपनियों के सीईओ भी भारत आए थे। भारत-ब्राज़ील के प्रसिद्ध कारोबारियों ने विचार-विमर्ष किया, जिससे दो-स्तरीय व्यापार एवं निवेष को बढ़ावा देने की दिषा निर्धारित हुई। आर्थिक संबंधों को मज़बूती प्रदान करने के लिए दोनों देषों ने तय किया कि आने वाले वर्शों में वर्तमान के आपसी कारोबार को बढ़ाकर 8 बिलियन डाॅलर तक करना होगा। श्री मोदी ने ब्राज़ील को ‘‘लेटिन अमेरिका में भारत का सबसे महŸवपूर्ण आर्थिक साझेदार’’ घोशित किया। उन्होंने राश्ट्रपति बोल्सनारो की आर्थिक नीतियों का समर्थन किया तथा ब्राज़ील की कंपनियों को भारत में निवेष करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि दोनों देषों की कंपनियां लंबी अवधि तक व्यावसायिक साझेदारी निभा सकेंगी।


11वें ब्रिक्स षिखर सम्मेलन में आयोजित नेताओं के संवाद सत्र मंे अपने विचार रखते भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी
भारत ने स्वयं को एक बड़े बाज़ार के रूप में प्रस्तुत किया। ब्राजील की कंपनियां अपना सामान यहां खपा सकेंगी और भारतीय उत्पादों एवं कंपनियांे को वहां स्थान बनाने का सुअवसर मिलेगा। दोनों ही देष एक दूसरे को नवीन अवसरों का आधार मान रहे हैं और इसी के बल पर आर्थिक समझौतों की बात कही जा रही है। ब्राज़ील का क्षेत्रफल भारत से 2.6 बार बड़ा, उसकी प्रति व्यक्ति आय पांच गुणा अधिक तथा जनसंख्या भारत की कुल आबादी का एक-छठवां भाग है। ब्राज़ील में प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है। वहां पर लौह अयस्क, मैगनीज़, निक्कल, टंगस्टेन, हीरे, पोटाषियम, फोस्फेट, स्वर्ण, लेड एवं गे्रफाइट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। लेटिन अमेरिका का ताकतवर देष भारत को ज्ञान का भंडार मानता है। आईटी, जैवतकनीक एवं दवाओं के क्षेत्र में भारत की दक्षता का ब्राज़ील कायल है। ब्राज़ील आने वाले समय में कृशि एवं ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग करने का इच्छुक है। 

कृशि के क्षेत्र में भारत उससे बहुत कुछ सीखना चाहता है क्योंकि ब्राज़ील इस क्षेत्र में बहुत दक्ष है। फसलों के उत्पादन एवं तकनीक में उसने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। कृशि उत्पादों को स्टोर करने, उनके वितरण एवं कृशि उत्पाद के प्रसंस्करण उद्योग में ब्राज़ील को महारथ हासिल है। ब्राज़ील सम्पूर्ण एलएसी (लेटिन अमेरिका और कैरेबियन) क्षेत्र में भारत का सबसे महŸवपूर्ण कारोबारी साझेदार है। भारत तेल एवं गैस सेक्टर मंे निवेष करना चाहता है। ब्राज़ील के राश्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों देषों के बीच तेल एवं प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में दो समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा ब्राज़ील सरकार के खदान एवं ऊर्जा मंत्रालय के बीच यह करार किया गया है। ऊर्जा षक्ति में ब्राज़ील का रिकाॅर्ड उल्लेखनीय रहा है और इस करार के तहत दोनों देषों ने अगली पीढ़ी के लिए जैवईंधन की खोज का काम मिलकर करने का निर्णय लिया है।

भारत यात्रा की अहम विषेशताएं

सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए कार्य योजना बनाई गई, उसके मुख्य बिंदु

Û राजनीति एवं सामरिक सहयोग

Û व्यापार एवं वाणिज्य, निवेष, कृशि, नागर विमानन तथा ऊर्जा

Û विज्ञान, तकनीक एवं अन्वेशण; अंतरिक्ष में सहयोग

Û वातावरण एवं तकनीकी सहयोग; स्वास्थ्य

Û रक्षा एवं सुरक्षा

Û संस्कृति एवं षिक्षा

Û काउंसलर संबंधित मुद्दे, सामाजिक सुरक्षा एवं कानूनी सहायता

सांस्कृतिक संपर्क

केवल आर्थिक सहयोग, भू-राजनीति एवं ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी के कारण ही दोनों देषों के आपसी संबंधों में सुदृढ़ता देखने को नहीं मिल रही है। अपितु ब्राज़ील के लोगों का भारतीय संस्कृति, कला, नृत्य एवं दर्षन के प्रति लगाव भी आपसी मित्रता को मज़बूती प्रदान करता है। ब्राज़ील में भारत के पूर्व राजदूत श्री हरदीप सिंह पुरी, जो वर्तमान में वाणिज्य एवं नागर विमानन राज्य मंत्री हैं, उनका मानना है, ‘‘वे लोग भारतीय संस्कृति को बहुत पसंद करते हैं। भारत की तुलना में वहां योग के अनेक केंद्र विद्यमान हैं।’’ दोनों देष चाहते हैं कि उनके नागरिक एक दूसरे के साथ संपर्क बढ़ाएं। इस दिषा में ब्राज़ील के राश्ट्रपति ने भारतीयों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रेवल की सुविधा प्रदान की है। इससे वहां पर्यटन और कारोबार बढ़ेगा।

भविश्य की राह

आने वाले समय की ओर देखते हुए, वर्तमान प्रचलनांे और सहयोग के चलते भारत-ब्राज़ील के संबंधों में ऊंचाइयां देखने को मिल रही हैं। बढ़ते कारोबार एवं निवेष के कारण इस मित्रता में और प्रगाढ़ता देखने को मिलेगी। किंतु सबसे प्रमुख बात यह है कि दोनों देष की मित्रता का प्रभाव सामरिक एवं वैष्विक हितों पर भी दिखाई दे रहा है। एषिया और लेटिन अमेरिका की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, भारत एवं ब्राज़ील वैष्विक प्रषासनिक रूपरेखा में सुधार के लिए प्रयासरत हैं।

अंतरराश्ट्रीय स्तर पर भी दोनों देषों के आपसी संबंधों में प्रसार देखने को मिल रहा है। ब्रिक्स, ईब्सा, जी4, जी20, बेसिक एवं संयुक्त राश्ट्र संघ जैसे अनेक बहुपक्षीय मंचों पर भी दोनों देष मिल-जुलकर कार्य कर रहे हैं। इनके रिष्तों के लंबी अवधि में पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख करते हुए भारत में ब्राज़ील के राजदूत आंद्रे अरना कोरिया डो लागो ने कहा, ‘‘आने वाले दषकों में दोनों देषों के आपसी संबंध अंतरराश्ट्रीय परिदृष्य में अहम भूमिका निभाएंगे। जहां तक संभव हो सके हमें चहुंमुखी दिषा में अपने रिष्तों को प्रगाढ़ बढ़ाने की आवष्यकता है।’’ राश्ट्रपति बोल्सनारो की भारत यात्रा से न केवल दोनों देषों के आपसी संबंधों को प्रगाढ़ता मिली, अपितु व्यापार, निवेष, कृशि एवं खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, विज्ञान, तकनीक और अन्वेशणों से लेकर जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद उन्मूलन एवं संयुक्त राश्ट्र सुरक्षा परिशद में सुधार जैसे मुद्दों और क्षेत्रांे में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का सुअवसर प्राप्त हुआ।


नई दिल्ली स्थित राश्ट्रपति भवन में ब्राज़ील के राश्ट्रपति बोल्सनारो का स्वागत करते भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा राश्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद; इस अवसर पर बोल्सनारो को सलामी गारद भी दी गई थी

नई दिल्ली से ब्रासीलिया तक

Û भारत और ब्राज़ील ने कारोबार, ऊर्जा एवं अन्वेशण जैसे क्षेत्रों में 15 समझौता-पत्रों पर हस्ताक्षर किए।

Û दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे रक्षा औद्योगिक उत्पाद मिलकर बनाएंगे। आतंकवाद उन्मूलन एवं संयोजित अपराध की रोकथाम करने के लिए रूपरेखा तैयार करेंगे।

Û दोनों देषों ने स्थापित संस्थागत तंत्र को मज़बूत बनाने पर सहमति जताई तथा समानता और विष्वास के सिद्धांतों के आधार पर पारस्परिक हित के द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर समन्वय को बढ़ावा देंगे।

Û भारत और ब्राज़ील इस बात पर सहमत दिखे कि वे निवेष में सहयोग बढ़ाएंगे। कारोबार बढ़ाने के लिए रूपरेखा तैयार करेंगे। 2022 तक आपसी कारोबार 15 बिलियन करने का लक्ष्य रखा गया है।

Û भारत और ब्राज़ील ने ऊर्जा सुरक्षा एवं कृशि के क्षेत्र में भी करार किया। इनके अलावा तेल, प्राकृतिक गैस तथा जैव-ऊर्जा के लिए अलग से समझौता किया गया। दोनों पक्ष ब्राजील की सहायता से भारत में कैटल जीनोमिक्स में उत्कृश्टता केंद्र स्थापित करने के लिए सहमत हुए।

Û ब्राज़ील के राश्ट्रपति बोल्सनारो ने यह बात दोहराई कि भारत को परमाणु आपूर्ति समूह का सदस्य बनाने के लिए उनका देष पूरी तरह से हर संभव समर्थन देगा।